
ओ३म्-चालीसा
[आकार-२०x३०, पृष्ठ-१६, मूल्य- १० रूपये]
वेदादि सब धर्म शास्त्रों में ईश्वर का सर्वोत्तम नाम ‘ओ३म्’ बताया गया है तथा सभी धर्मशास्त्रों और वैदिक ऋषियों ने ‘ओ३म्’ की महिमा का वर्णन किया है। डॉ० वेदप्रकाश आर्य ने ‘ओ३म्-चालीसा’ में ईश्वर के सर्वोत्तम नाम ‘ओ३म्’ का अर्थ, उसकी महिमा तथा ओ३म् के जाप-ध्यान से होनेवाले लाभ को दोहा और चैपाई-छन्दों में बहुत सरल और सुन्दर भाषा में लिखा है। इसके पाठको और श्रोताओं को ‘ओ३म्’ का ज्ञान तथा विशेष आनन्द की प्राप्ति होती है। वे ‘ओ३म्’ का ध्यान करने लगते हैं, जिससे ओ३म् चालीसा को पढ़कर उनके जीवन सुखी और सफल हो जाते हैं।